अजीम प्रेमजी स्कॉलरशिप 2025 ऑनलाइन आवेदन
अजीम प्रेमजी स्कॉलरशिप 2025: लड़कियों की उच्च शिक्षा के लिए एक क्रांतिकारी कदम
नमस्ते पाठकों! आज के इस ब्लॉग में हम बात करेंगे अजीम प्रेमजी फाउंडेशन द्वारा शुरू की गई "अजीम प्रेमजी स्कॉलरशिप 2025" के बारे में। यह स्कॉलरशिप भारत में लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है, विशेष रूप से उन लड़कियों के लिए जो आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से आती हैं। अजीम प्रेमजी, जो विप्रो के संस्थापक हैं, ने अपनी फाउंडेशन के माध्यम से शिक्षा के क्षेत्र में बड़े योगदान दिए हैं। 2025 में घोषित इस स्कॉलरशिप का लक्ष्य 2.5 लाख लड़कियों तक पहुंचना है, जो सरकारी स्कूलों से पढ़ाई पूरी करने वाली छात्राओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में मदद करेगी। यह न केवल वित्तीय सहायता प्रदान करती है बल्कि शिक्षा में लिंग समानता को मजबूत करने का प्रयास है। आइए विस्तार से जानते हैं इस स्कॉलरशिप के बारे में।
स्कॉलरशिप का उद्देश्य और पृष्ठभूमि
अजीम प्रेमजी फाउंडेशन भारत में शिक्षा की गुणवत्ता और समानता को बेहतर बनाने के लिए काम कर रही है। मई 2025 में फाउंडेशन ने घोषणा की कि वे 18 राज्यों की सरकारी स्कूलों से पास हुई लड़कियों को उच्च शिक्षा के लिए स्कॉलरशिप प्रदान करेंगे। इसका मुख्य उद्देश्य माध्यमिक से उच्च शिक्षा की ओर संक्रमण में आने वाली बाधाओं को दूर करना है, जैसे आर्थिक तंगी, सामाजिक रूढ़ियां और संस्थागत चुनौतियां। फाउंडेशन का मानना है कि लड़कियों की शिक्षा में निवेश से समाज का समग्र विकास होता है।
2024-25 में इस स्कॉलरशिप के पायलट फेज में 25,000 से अधिक लड़कियों को सहायता मिली थी, और अब 2025-26 के लिए इसे विस्तार दिया गया है। फाउंडेशन ने इसके लिए 2,250 करोड़ रुपये का प्रतिबद्धता जताई है, जो लड़कियों की कॉलेज शिक्षा को समर्थन देगी।
पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria)
यह स्कॉलरशिप विशेष रूप से लड़कियों के लिए है। मुख्य पात्रता शर्तें निम्नलिखित हैं:
- आवेदक लड़की होनी चाहिए जो 10वीं और 12वीं कक्षा सरकारी स्कूल या कॉलेज से नियमित छात्रा के रूप में पास की हो।
- 2025-26 सत्र में किसी मान्यता प्राप्त अंडरग्रेजुएट डिग्री या डिप्लोमा कोर्स (2 से 5 वर्ष की अवधि) के पहले वर्ष में प्रवेश लिया हो। यह भारत में किसी भी सरकारी या विश्वसनीय निजी कॉलेज/विश्वविद्यालय में हो सकता है।
- यह आवेदक की पहली अंडरग्रेजुएट डिग्री या डिप्लोमा होनी चाहिए।
- डिस्टेंस लर्निंग प्रोग्राम योग्य नहीं हैं; छात्रा को नियमित छात्रा होना चाहिए।
- कोई आयु सीमा नहीं है, लेकिन पात्रता मानदंड पूरे होने चाहिए।
- यदि आवेदक अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी में प्रवेश ले चुकी है या विप्रो की अन्य स्कॉलरशिप (जैसे संतूर स्कॉलरशिप) प्राप्त कर चुकी है, तो वह योग्य नहीं होगी।
यह स्कॉलरशिप मेरिट आधारित नहीं है, बल्कि पात्रता पूरी करने वाली सभी लड़कियों को मिल सकती है।
लाभ (Benefits)
- प्रत्येक चयनित छात्रा को प्रति वर्ष 30,000 रुपये की वित्तीय सहायता मिलेगी।
- यह राशि पूरे कोर्स की अवधि (2 से 5 वर्ष) तक प्रदान की जाएगी, जो ट्यूशन फीस या अन्य शिक्षा संबंधी खर्चों के लिए इस्तेमाल की जा सकती है।
- कुल मिलाकर, एक छात्रा को कोर्स के आधार पर 60,000 से 1,50,000 रुपये तक की सहायता मिल सकती है।
यह सहायता लड़कियों को ड्रॉपआउट से बचाने और उच्च शिक्षा पूरी करने में मदद करेगी।
कवर किए गए राज्य (Covered States)
स्कॉलरशिप 18 राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों में उपलब्ध है। ये हैं:
- अरुणाचल प्रदेश
- असम
- बिहार
- छत्तीसगढ़
- झारखंड
- कर्नाटक
- मध्य प्रदेश
- मणिपुर
- मेघालय
- मिजोरम
- नागालैंड
- ओडिशा
- पुडुचेरी
- राजस्थान
- सिक्किम
- तेलंगाना
- त्रिपुरा
- उत्तर प्रदेश
- उत्तराखंड
पिछले वर्ष (2024-25) में यह मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और झारखंड के कुछ जिलों तक सीमित थी, लेकिन 2025-26 में इसे विस्तार दिया गया है।
आवेदन प्रक्रिया (Application Process)
आवेदन पूरी तरह से ऑनलाइन है और कोई शुल्क नहीं है। चरण निम्न हैं:
- आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं: https://scholarship.azimpremjifoundation.org/s/login/SelfRegister?language=en_US
- रजिस्ट्रेशन करें और फॉर्म भरें।
- आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें, जैसे 10वीं और 12वीं की मार्कशीट, एडमिशन प्रूफ, आदि। दस्तावेज PDF, PNG या JPG फॉर्मेट में 30 KB से 500 KB के बीच होने चाहिए।
- फॉर्म सबमिट करें।
दस्तावेजों के लिए गाइडलाइन्स और वीडियो ट्यूटोरियल फाउंडेशन के यूट्यूब चैनल पर उपलब्ध हैं। फाउंडेशन किसी भी चरण में कोई शुल्क नहीं लेती, इसलिए सावधान रहें।
महत्वपूर्ण तिथियां (Important Dates)
- आवेदन प्रक्रिया सितंबर 2025 से शुरू हुई।
- अंतिम तिथि: 30 सितंबर 2025।
- चयन प्रक्रिया: अक्टूबर-नवंबर 2025 (संभावित)।
- स्कॉलरशिप वितरण: 2025-26 सत्र से।
नोट: सटीक तिथियों के लिए आधिकारिक वेबसाइट चेक करें, क्योंकि वे बदल सकती हैं।
यह स्कॉलरशिप कैसे मदद करेगी?
भारत में लाखों लड़कियां आर्थिक कारणों से उच्च शिक्षा छोड़ देती हैं। यह स्कॉलरशिप न केवल वित्तीय बोझ कम करेगी बल्कि लड़कियों को आत्मनिर्भर बनने का मौका देगी। फाउंडेशन का लक्ष्य 2.5 लाख लड़कियों तक पहुंचना है, जो शिक्षा में एक बड़ा बदलाव ला सकता है। पिछले वर्ष की सफलता से प्रेरित होकर, यह कार्यक्रम और अधिक प्रभावी होगा।
निष्कर्ष
अजीम प्रेमजी स्कॉलरशिप 2025 लड़कियों के लिए एक सुनहरा अवसर है। यदि आप या आपकी कोई जानकार पात्र है, तो तुरंत आवेदन करें। शिक्षा ही सशक्तिकरण की कुंजी है, और ऐसी पहलें हमें एक समान समाज की ओर ले जाती हैं। अधिक जानकारी के लिए अजीम प्रेमजी फाउंडेशन की वेबसाइट विजिट करें। यदि आपके कोई सवाल हैं, तो कमेंट में पूछें!
धन्यवाद पढ़ने के लिए। शिक्षा की रोशनी हर घर पहुंचे!

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